eklavyabooks की गपशप ...

मई - जून 2018

गर्मियों की छुट्टियों का मौसम। यानी भरपूर मस्‍ती। इस मस्‍ती में और रंग भरा पिटारा उत्‍सव ने।

4 से 8 जून तक एसओएस विलेज में और 12 से 14 जून तक मायाराम सुरजन भवन में एकलव्‍य पिटारा उत्‍सव आयोजित किया गया। इसमें 8 से 15 साल की उम्र के बच्‍चों ने भाग लिया। क्राफ्ट और ऑरिगेमी के साथ ही रंगों के खेल, स्‍टोरी टेलिंग, कहानी बनाना, खेलगीत, कविताएं और विज्ञान की गतिविधियों का बच्‍चों ने पूरा मज़ा लिया। अखबार से तरह-तरह की टोपियों को बनाते हुए बच्‍चों ने टोपी शंकर की कहानी सुनी। हावभाव के साथ कविताएं गाईं। मोइन और राक्षस के साथ खूब हंसे। गर्मी के बावजूद बच्‍चों की खासी तादाद रही। देखिए पिटारा उत्‍सव की झलकियां...

नई किताबें

पो ने दुश्मन को छकाया

क्या ऐसा भी कोई जीव हो सकता है जिसकी जीभ उसके शरीर जितनी लम्बी हो? जी हाँ, पैंगोलिन नाम के इस जीव की जीभ ही नहीं, और बहुत-सी बातें अनोखी हैं। ये कहानी पो नाम के एक नन्हे पैंगोलिन की है जो एक शाम जब खाने की तलाश में निकलता है तो मुसीबत में फँस जाता है। मुसीबत से निकलने के लिए पो क्या-क्या तरकीबें आज़माता है, जानने के लिए पढ़ें ‘पो ने दुश्मन को छकाया’।
कहानी की लेखक हैं शर्मिला देव और चित्र बनाए हैं निलोफर वाडिया ने।

बोरेवाला

चाकप्रान्दन कौन है? क्या यही उसका असली नाम है? वह कहाँ से आया था? गाँव के इस ‘विक्षिप्त व्यक्ति’ के बारे में एक छोटी बच्ची अनु की जिज्ञासा उन दोनों के बीच एक अनूठी दोस्ती को जन्म देती है। पर क्या अनु चाकप्रान्दन के अतीत के बारे में जान पाएगी? अनु की ये दोस्ती उसके और उसके परिवारवालों के जीवन में किस प्रकार का परिवर्तन लाएगी? कहानी की लेखक हैं जयश्री कलत्तिल और चित्र बनाए हैं राखी पेसवानी ने।

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