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क्या वुली मैमथ फिर घूमेगा इस धरती पर — विनता विश्वनाथन
वैज्ञानिक आर्कटिक के बर्फीले इलाकों के विलुप्त हो चुके रहवासी वुली मैमथ को वापिस लाने की तैयारी कर रहे हैं। वे ऐसा कैसे करने वाले हैं, ऐसा करने की क्या ज़रूरत है, क्या ऐसा करना सही होगा... यह संक्षिप्त लेख ऐसे तमाम सवालों का जवाब देने का प्रयास करता है।
धान के जलते खेत — सैरा कोन ब्रायंट
चित्र: मामोरु फुनाई
अनुवाद: अरविन्द गुप्ता
जापान के एक गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति और उसका पोता धान के खेतों की रखवाली करते थे। एक दिन बूढ़े व्यक्ति ने कुछ ऐसा देखा जिसे देखकर वो बहुत डर गया और उसने धान के उन खेतों में आग लगा दी। आखिर खेतों की रखवाली करने वाले ने खेतों में आग क्यों लगाई...
जानने के लिए पढ़िए रहस्य और रोमांच से भरी यह छोटी कहानी।
मोटरसाइकिल-स्कूटर चलाने की न्यूनतम उम्र का सवाल – सुशील जोशी
पिछली बार ‘क्यों-क्यों’ कॉलम में हमने बच्चों से पूछा था कि कानून के मुताबिक मोटरसाइकिल-स्कूटर या कार चलाने के लिए 18 साल की उम्र का होना क्यों ज़रूरी है। बच्चों के जवाबों को पढ़कर सुशील जोशी ने भी इस सवाल का जवाब लिखा है। पढ़िए उनका जवाब।
कला के आयाम — रात का आसमान और उसे देखना — शेफाली जैन
इस बार शेफाली ‘खोज’ नामक आर्ट स्पेस में लगी एक प्रदर्शनी के बारे में बता रही हैं। ‘द ऑब्ज़र्वेटरी : सैकेंड साइट’ नाम की यह प्रदर्शनी रात के आसमान और उसे देखने की थीम पर केन्द्रित है। इस प्रदर्शनी के बहाने से वह देखने की प्रक्रिया और देखने के तरीकों पर भी बात कर रही हैं।
गतिविधि-कोना — भूलभुलैया
दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को चुनने की जद्दोजहद।
किताबें कुछ कहती हैं... – अक्षत, आठवीं और पुष्पा
किताबों की दुनिया में जाने का एक रास्ता है किताबों की समीक्षाएँ। कई बार बच्चे अपनी पसन्द या नापसन्द की किताबों के बारे में हमें लिखते रहते हैं। इस बार अक्षत ने विजयदान देथा की किताब ‘अपनी-अपनी पसन्द’ और पुष्पा ने रिनचिन की किताब ‘अजूबा और अन्य कहानियाँ’ के बारे में अपने विचार साझा किए हैं।
मैं छोटी-सी लहर हूँ – लवलीन मिश्रा
चित्र: शुभम लखेरा
दादी कहती हैं
वो लहर ही क्या
जो खूब ऊँची न उठे
ज़़ोर के थपेड़े न मारे...
बादल – श्रवण कुमार
चित्र: शुभम लखेरा
बादल हवा पे हुआ सवार
बोला, चलो नदी के पार...
गणित है मज़ेदार – कभी ना खतम होने वाली अभाज्य संख्याएँ - भाग 1 – आलोका कान्हेरे
चित्र: मधुश्री
अनुवाद: कविता तिवारी
इन पन्नों में हम ऐसी चीज़ें देने की कोशिश करते हैं जिन्हें हल करने में आपको मज़ा आए। ये पन्ने खास उन लोगों के लिए हैं जिन्हें गणित से डर लगता है।
इस बार आलोका कई मशहूर खिलाड़ियों की जर्सी की संख्या और सिकाडा की कहानी के माध्यम से अभाज्य संख्याओं के बारे में बात कर रही हैं।
फुसफुसी — नेहा बहुगुणा
चित्र: सौम्या शुक्ला
बिन्नी की अपनी दोस्त फुसफुसी को लिखी एक छुटकी चिट्ठी।
गतिविधि-कोना — क्यों-क्यों
इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था: तुम्हारे पास रोबो होता तो तुम उससे क्या-क्या करवाते और क्यों?
कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही बच्चों के बनाए कुछ बेहतरीन चित्र व कॉमिक भी देखने को मिलेंगे।
गतिविधि-कोना — चित्रपहेली
चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।
अमन की कुछ बातें – चुप कराना या मन को जीतना – अमन मदान
चित्र: कनक शशि
जब हमारा किसी से विवाद या बहस होती है तो अक्सर हमें लगता है कि सामने वाले को चुप कराकर ही हम जीतते हैं। पर क्या वाकई में ऐसा है? बहस का वास्तविक उद्देश्य क्या होना चाहिए – सामने वाले को चुप कराना या उसे अपने मन की बात समझाना? जानने के लिए पढ़िए यह लेख।
गतिविधि-कोना — माथापच्ची
कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।
बच्चों की रचनाओं का कोना — मेरा पन्ना
लेख व कहानी: बाज़ार – मालती उइके, हमें पता नहीं था – दिर्धो मनिता, सपने ने दिया धोखा – मीठी, मछलियाँ – दीक्षा असवाल, मोबाइल का डर – प्रखर, खेल का किस्सा – आदिश दोशी
कविता: गिलहरी – ज़ोया
चित्र: प्रगत शिक्षण संस्थान के बच्चों द्वारा निर्मित, इरा, ज़ोया, अखिल, कृष्टि मोदी
तुम भी जानो
इस बार जानिए
एक ग्रह को उसका तारा ही निगल गया
अपने इलाके से 4800 किलोमीटर दूर मिली ये पंछी
पालोंवाले जहाज़
एक वुली मैमथ की आज के कुछ जानवरों से मुलाकात – रोहन चक्रवर्ती
अनुवाद: विनता विश्वनाथन
देखिए आज के जानवरों से वुली मैमथ की मुलाकात की एक झलक, रोहन के चुटीले अन्दाज़ में...
