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मेहमान जो कभी गए ही नहीं — भाग 6 — आर एस रेश्नू राज, ए पी माधवन, टी आर शंकर रमन, दिव्या मुडप्पा, अनीता वर्गीस और अंकिला जे हिरेमथ
रूपान्तरण व अनुवाद: विनता विश्वनाथन 
चित्र: रवि जाम्भेकर
इस सीरिज़ में हम आसपास पाए जाने वाले कुछ ऐसे आक्रामक एलियन पौधों के बारे में चर्चा करेंगे जो बाहर से आए और हमारे देश में बस गए। इस चर्चा में हम इन पहलुओं को शामिल करेंगे कि ये पौधे कहाँ से आए, कैसे आए, इनके खास गुण क्या हैं, इन्हें कैसे व्यवस्थित किया जाए इत्यादि। 
इस बार बात हो रही है सुबबूल के पौधे की। 

गतिविधि कोना — कहानी पूरी करो
दी गई अधूरी कहानी को पूरा करने की गतिविधि। दिलचस्प बात यह है कि आप कहानी के शुरू का हिस्सा या बाद का हिस्सा या दोनों लिख सकते हैं। 

गतिविधि-कोना — भूलभुलैया
दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को चुनने की जद्दोजहद।  

हाशिए में गाँधी — शशि सबलोक
चित्र: ऋषि साहनी
यह लेख गाँधीजी की विरासत और उनकी प्रासंगिकता पर एक नज़र डालता है। लेखक गाँव के बच्चों के साथ गाँधी की पहचान से जुड़े एक दिलचस्प अनुभव के जरिए हमें यह सोचने पर मजबूर करती हैं कि आज हम गाँधी को किस रूप में याद करते हैं। गाँधी के जीवन के सरल और असाधारण पहलुओं पर रौशनी डालते हुए वह उनके विचारों और प्रयोगों को हमारे रोज़मर्रा के जीवन से जोड़ने का प्रयास करती हैं।

एक विद्रोह ऐसा भी... 3 — एक रामकथा में छुपी विद्रोह की कहानी— सी. एन. सुब्रह्मण्यम्  
2020-21 में हुए किसान आन्दोलन के बारे में आपने सुना-पढ़ा होगा। इतिहास में भी किसानों द्वारा अपने शोषण के खिलाफ आन्दोलन और विद्रोह के अनेक उदाहरण देखने को मिलते हैं। इस सीरीज़ में लेखक इतिहास में हुए इस तरह के किसान विद्रोहों के किसी एक उदाहरण पर बातचीत करेंगे। यह सीरिज़ आपको इतिहास के एक अनदेखे पहलू से रूबरू कराएगी। 
इस अंक में जानिए राजा रामपाल और विद्रोही कैवर्त्तो के बीच हुए संघर्ष के बारे में। यह कथा एक काव्य के रूप में लिखी गई है। एक ही शब्द के दो अर्थों का उपयोग करके लेखक किस प्रकार कहानी में ट्विस्ट लाते हैं, जानने के लिए पढ़िए...

मेरी दुनिया के तमाम बच्चे — अदनान कफील दरवेश
चित्र: सुरगी, नवजोत कौर
अदनान कफ़ील दरवेश की एक प्यारी और कल्पनाशील कविता जो इस दुनिया को एक बेहतर स्थान बनाने की प्रेरणा देती है। एक बानगी देखिए:
देखना!
वो तुम्हारे टैंकों में बालू भर देंगे एक दिन
और तुम्हारी बंदूकों को
मिटटी में गहरा दबा देंगे...  

तीसरी आँख — वसुन्धरा बहुगुणा
चित्र: अमृता
यह कहानी है झल्लू जुलाहे की, जिसकी तीसरी आँख के करिश्मे के किस्से पूरे राज्य में मशहूर थे। एक बार राजमहल में हुई एक चोरी के मामले को सुलझाने के लिए झल्लू को राजमहल में बुलाया गया। क्या झल्लू इस मामले को सुलटा पाया? क्या उसकी वाकई में तीसरी आँख थी? जानने के लिए पढ़िए यह मज़ेदार कहानी...

इस कहानी का विलेन कौन? — इश्तेयाक अहमद
यह कहानी है नीलगिरी के जंगलों के बीच बहने वाली मोयार नदी, जंगलों के हाथी और इन्सानों के बीच के जटिल और दर्दनाक रिश्तों की। मोयार नदी के इर्द-गिर्द कुछ ऐसा घटित हुआ था जिसने इन्सानों और हाथियों को एक-दसरे का दुश्मन बना दिया था। दिल को छू लेने वाली यह कहानी आपको वाकई में यह सोचने पर मजबूर कर देगी कि इस कहानी का विलेन कौन है। 

गतिविधि कोना — क्यों-क्यों
इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था: "जानवरों के मल इतने अलग -अलग आकर व आकृतियों के क्यों होते हैं?”  
कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही बच्चों के बनाए कुछ चित्र भी देखने को मिलेंगे।            

गतिविधि कोना — माथापच्ची
कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।

तुम भी बनाओ — बोर्ड गेम
प्रभाकर डबराल
प्रभाकर हमें बता रहे हैं खुद का बोर्ड गेम बनाने का एक तरीका। इसके लिए आपको चाहिए बहुत आसानी से हमारे आसपास मिलने वाली कुछ चीज़ें और बनाने का जज़्बा...

गतिविधि कोना — चित्रपहेली
चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।

बच्चों की रचनाओं का कोना — मेरा पन्ना

कविता: एक छोटी-सी मछली - हरनूर कौर, मेरी एक दोस्त ऐसी भी है – रिया चाम्भारे
लेख व कहानी: कलम – चार्या, हिरण की चाल – माही यादव, बारिश और मैं – उमर, मम्मा का बचपन और मैं - हितांश जोशी। 
चित्र: प्रियल, दिव्या मेहरा, सबा खान, ह्रिदान पंड्या, प्रणाली देशमुख, शिखा लोवंशी।  

तुम भी जानो
इस बार जानिए:
ध्रुव पर पाए जाने वाले पक्षी अब मुम्बई में।
बन गए हैं और इमोजी।

बैक कवर — डॉल्फिन अभ्यारण — रोहन चक्रवर्ती
अनुवाद: कविता तिवारी
पढ़िए रोहन के चुटीले अन्दाज़ में गन्दगी के ऊपर एक खूबसूरत व्यंग्य।