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गतिविधि कोना — अन्तर ढूँढो
चित्र: नरेश पासवान 
एक जैसे दिखने वाले दो चित्रों में छिपे हुए अन्तरों को ढूँढने की मज़ेदार गतिविधि। 

प्रकृति: कला और जिज्ञासा के बीच — इशिता देबनाथ बिस्वास
क्या तुमने कभी सोचा है कि जब कैमरे और माइक्रोस्कोप नहीं थे, तब लोग कीटों, पक्षियों, अन्य जानवरों का अध्ययन कैसे करते थे? प्रकृति को कैसे दर्ज करते थे? इस मज़ेदार लेख में इशिता हमें उस रोमांचक दौर में ले चलती हैं, जब कला और जिज्ञासा मिलकर विज्ञान को एक नई दिशा दे रहे थे। ये वो समय था जब उस्ताद मंसूर, जोरिस हूफ्नागेल और कई अन्य कलाकार अपने रंगों और कूचियों से प्रकृति की बारीक तस्वीरें बनाकर उसे समझने और सहेजने की नई राहें तलाश रहे थे।

भैरा चौक में हाहाकार — नन्दकिशोर मेहता
चित्र: प्रशान्त सोनी
राजस्थान के एक छोटे-से गाँव में एक आम-सी दोपहर में अचानक एक हंगामा हो जाता है। और देखते ही देखते पूरे गाँव में अफरा-तफरी मच जाती है। लेकिन हंगामे की वजह क्या थी? क्या वो रुका या और बढ़ गया। और अगर रुका, तो कैसे? जानने के लिए पढ़ो ये मज़ेदार किस्सा। 

बेशरम बेहया — रामकरन
फोटो: कनक शशि
गर्मियों की चटक धूप, सूखते पोखर, झुलसती ज़मीन — और इन सब के बीच खड़ा है हरा-भरा, ठण्डा-नम, फूलों से लदा एक पौधा जो मुस्कुरा रहा है, हहरा रहा है। कौन है ये मिस्टर बेपरवाह? जानने के लिए पढ़ो यह लेख। 

वर्क फ्रॉम होम की असली उस्ताद छिपकली — पीयूष सेकसरिया
अनुवाद: विनता विश्वनाथन
छत से उल्टा लटकना, खड़ी दीवारों पर दौड़ लगाना, अपनी पूँछ गिराकर जान बचाना और बिना दफ्तर जाए पूरा काम निपटाना — ऐसी उस्तादी किसमें है? पीयूष सेकसरिया के इस दिलचस्प लेख में जानो कि कैसे छिपकली सुपरहीरो जैसी खूबियाँ रखती है और घरों में रहकर हमारी मदद भी करती है। 

गतिविधि कोना — भूलभुलैया
दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को ढूँढने की जद्दोजहद। 

गतिविधि कोना — क्यों-क्यों?
इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं। जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था:  “अपनी रोज़मर्रा की बातचीत में हम कई मुहावरों
 का इस्तेमाल करते हैं। तुम्हें कौन-सा मुहावरा पसन्द है, और क्यों?”अक्सर कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही बच्चों के बनाए कुछ चित्र भी देखने को मिलेंगे। 

रात में — विष्णु नागर
चित्र: नरेश पासवान
पेड़ भी कुछ सोचते होंगे आदमी के बारे में... 

गतिविधि कोना — चित्रपहेली
चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।

मेहमान जो कभी गए ही नहीं — भाग 14 — आर एस रेश्नू राज, ए पी माधवन, टी आर शंकर रमन, दिव्या मुडप्पा, अनीता वर्गीस और अंकिला जे हिरेमथ
रूपान्तरण व अनुवाद: विनता विश्वनाथन
चित्र: रवि जाम्भेकर
इस सीरीज़ में हम आसपास पाए जाने वाले कुछ ऐसे आक्रामक एलियन पौधों के बारे में चर्चा करते हैं जो बाहर से आए और हमारे देश में बस गए। इस चर्चा में हम इन पहलुओं को शामिल करते हैं कि ये पौधे कहाँ से आए, कैसे आए, इनके खास गुण क्या हैं, इन्हें कैसे व्यवस्थित किया जाए इत्यादि।
इस बार जानो — घण्टीफूल के बारे में। 

तुम भी बनाओ — बोतल से नाव
बारिश में कागज़ की नाव तो तुमने ज़रूर चलाई होगी, लेकिन क्या कभी प्लास्टिक की बोतलों से बनी ऐसी नाव चलाई है जो पानी से चलती है? प्लास्टिक की बोतलों, स्ट्रॉ जैसी आसानी से घर पर मिल जाने वाली चीज़ों से नाव बनाने की एक मज़ेदार गतिविधि। 

किताबें कुछ कहती हैं...
किताबों की दुनिया में झाँकने की खिड़की है यह कॉलम। 
पढ़ो अक्ल बड़ी या भैंस और अॅलकेमिस्ट किताबों की बच्चों द्वारा लिखी समीक्षा। चाहो तो तुम भी अपनी पसन्द या नापसन्द की किताब के बारे में लिखना। यह भी लिखना कि वह किताब तुम्हें क्यों पसन्द या नापसन्द है। 

ननकी और चोरू की दुनिया — लॉरेंस हूग
चित्र: नन्दिनी लाल
अनुवाद: सुशील जोशी
ननकी को बचपन से ही रंगों और रेखाओं से प्यार था। वह जहाँ-तहाँ चित्र बनाया करती। जब एक शिक्षिका ने उसके इस हुनर को पहचानकर उसे पढ़ने के लिए बाहर भेजने की बात की तो सारा गाँव उसके खिलाफ हो गया। तंग आकर ननकी अकेले ही जंगल की ओर दौड़ पड़ी। फिर क्या हुआ? क्या ननकी अपने सपने को उड़ान दे पाई? जानने के लिए पढ़ो यह कहानी... 

गतिविधि कोना — माथापच्ची
कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने। 

बच्चों की रचनाओं का कोना — मेरा पन्ना
लेख व कहानी: गर्मियों के मज़े – द्युति, मेरे पापा – तेजस, रात रानी होटल – आकाश सिंह, मशरूम और तितली – कशिश, कोयल की कू-कू – दीपक बोहरा, माँ के बचपन की कहानी – अविश रमन, बैंगनी धब्बे – जान्हवी, शेर का मोबाइल – कृष्ण 
चित्र: द्युति, रणदीप काकडे, रनवीर और रवीना, वंशिका, तेजस

तुम भी जानो
इस बार जानो:
300 से ज़्यादा बार पृथ्वी की परिक्रमा करने वाले यात्री
बलगम से मिलते हैं सेहत के सुराग 

छिपकली — दिग्गज मुरादाबादी 
चित्र: एम सी एशर
अरी छिपकली, चिपक रही है
तू जो इस दीवार पर...