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हवा में तैरते रंग — जितेश शेल्के
इस लेख में लेखक ने बारिश के बाद भोपाल के स्वर्ण जयन्ती पार्क में मण्डराती हुई किस्म-किस्म की तितलियों के रंगीन दृश्य का वर्णन किया है। तितलियों के साथ-साथ उन्हें पत्तियों पर तितलियों के अण्डे, पत्ते चबाते कैटरपिलर और पौधों की डंडियों से लटकते प्यूपा भी नज़र आए। लेखक ने इस लेख के माध्यम से यह दर्शाने की कोशिश की है कि हरेक मौसम का अपना एक रंग होता है।

उससे मेरा सम्बन्ध क्या था? — जसिंता केरकेट्टा
चित्र: कनक शशि
पढ़िए जसिंटा की एक कविता जिसमें उन्होंने झारखंड में चौड़ी सड़क बनाने के लिए काटे गए पेड़ों में से एक आम के एक पेड़ से अपने रिश्ते को शब्दों में पिरोया है।

एल्बमों में सिर्फ तस्वीरें नहीं रहतीं — संज्ञा उपाध्याय
चित्र: शुभांगी चेतन
जिस तरह से आज हम तस्वीरों को अपने फोन और लैपटॉप के फोल्डर में सेव करके रखते हैं वैसे ही पहले इन्हें एल्बमों में सहेजकर रखा जाता था। हम सबके घर में पुरानी-पुरानी एल्बम होती हैं। एल्बम में होती हैं कुछ ब्लैक एंड वाइट तो कुछ रंगीन तस्वीरें, और उन तस्वीरों में मौजूद लोगों की कहानियाँ। उन्हें देखते-देखते बहुत-सी बीती बातें याद आ जाती हैं। कुछ यादें हँसी का सबब बनती हैं, तो कुछ उदासी का। यह संस्मरण एक परिवार के लोगों की पुरानी एल्बमों से जुड़ी यादों को उजागर करता है।

अन्तर ढूँढो
चित्र: नरेश पासवान
एक जैसे दिखने वाले दो चित्रों में अन्तर ढूँढने की गतिविधि।

रहस्यमयी बीज और चमगादड़ों की दावत — पीयूष सेकसरिया
अनुवाद: विनता विश्वनाथन
इस दिलचस्प लेख में लेखक के पड़ोसी को अपने जामुन के पेड़ के नीचे रहस्यमयी बीज मिलते हैं, वह सोच में पड़ जाता है कि जामुन के नीचे जामुन के बीज के बजाए ये कौन से बीज पड़े हैं। वह उन बीजों को लेखक को दिखाता है और लेखक से पूछता है कि ये क्या हो सकते हैं? यह लेख इसी गुत्थी को सुलझाने पर केन्द्रित है कि वे रहस्यमयी बीज आखिर किस पेड़ के थे और वे जामुन के पेड़ के नीचे पहुँचे कैसे?

काटना — पार्वती सुब्रमणियन
चित्र कहानियाँ तो तुमने ज़रूर पढ़ी होंगी। यह चित्र कहानी केन्द्रित है मच्छर के काटने पर।

बेसुरा राग — वीरन्द्र दुबे
चित्र: मयूख घोष
क्या होता है जब बेसुरों के एक गाँव में गवैयों की एक टोली आती है? जानने के लिए पढ़िए यह कहानी। यह कहानी बतखोरू और अन्य कहानियाँ किताब से ली गई है, जिसे हाल ही में चिल्ड्रन बुक क्रिएटर अवार्ड्स 2025 में ‘यंग इलस्ट्रेटर’ श्रेणी में रनर-अप चुना गया है।

गतिविधि कोना — क्यों-क्यों?
इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं। जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था: “कुछ लोग नींद में बोलते हैं। लगभग सभी लोग कभी ना कभी ऐसा करते हैं। क्या तुमने किसी को नींद में बात करते हुए सुना है? क्या सुना है? तुम्हें क्या लगता है कि लोग नींद में क्या बोलते हैं?”अक्सर कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही, बच्चों के बनाए कुछ चित्र भी देखने को मिलेंगे। 

गतिविधि कोना — चित्र पहेली
चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।

सुडोकू 89
सुडोकू, यानी एक ऐसा दिमागी खेल जिसमें 1 से लेकर 9 तक की संख्याओं को एक ग्रिड में इस तरह से लिखना होता है ताकि हरेक पंक्ति और स्तम्भ में और 3×3 के छोटे बक्से में 1 से 9 तक की संख्या केवल एक बार ही आए।

मेहमान जो कभी गए ही नहीं — भाग 16 — आर एस रेश्नू राज, ए पी माधवन, टी आर शंकर रमन, दिव्या मुडप्पा, अनीता वर्गीस और अंकिला जे हिरेमथ
रूपान्तरण व अनुवाद: विनता विश्वनाथन
चित्र: रवि जाम्भेकर
इस सीरीज़ में हम आसपास पाए जाने वाले कुछ ऐसे आक्रामक एलियन पौधों के बारे में चर्चा करते हैं जो बाहर से आए और हमारे देश में बस गए। इस चर्चा में हम इन पहलुओं को शामिल करते हैं कि ये पौधे कहाँ से आए, कैसे आए, इनके खास गुण क्या हैं, इन्हें कैसे नियंत्रित किया जाए इत्यादि।
इस बार जानो — जलगोभी के बारे में। 

तुम भी बनाओ — कागज़ से हंस
कागज़ से नई-नई तरह की चीज़ें बनाना, यानी ओरिगेमी, बच्चों को बहुत पसन्द होती है। इस बार की चकमक में हम लेकर आए हैं कागज़ से एक ऐसा हंस बनाने की गतिविधि जो अपने पंख भी फड़फड़ाएगा। 

गतिविधि कोना — भूलभुलैया
दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को ढूँढने की जद्दोजहद। 

जिंदगी का सफर — मोहम्मद यासिर 
चित्र: शुभम लखेरा 
क्या होता है जब आप किसी नए शहर में बस जाते हैं और अपने पुराने शहर लौटना कभी-कभार ही मुमकिन हो पाता है? और आप अचानक एक दिन गौर करते हैं कि आपके मोहल्ले की कोई किराने की दुकान, जहाँ किसी ज़माने में बहुत चहल-पहल रहती थी, बन्द रहने लगी है। यह लेख लेखक के मोहल्ले की ऐसी ही एक चहल-पहल से भरी किराने की दुकान के बन्द होने और उसके बन्द होने के पीछे की दर्दभरी कहानी को बयान करता है। 

गतिविधि कोना — माथापच्ची
कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने। 

बच्चों की रचनाओं का कोना — मेरा पन्ना
लेख व कहानियाँ: खेलवाला – अजहर, पहली बार स्टेज का अनुभव – रिदम पंवार, कुत्तों का मातम – अंकित, रामू की टोपी – आर्यवंश जैन, हाथी का घर – गाथा प्रसाद देशपाण्डे, मुण्डन – अंशिका यादव, दो मगरमच्छ – तनिष
चित्र: राधिका, नन्दिनी कुमारी, सायना बनसोड़े, आयुषी, अरविश

तुम भी जानो
इस बार जानो:
घर पर गिरा एक उल्का पिण्ड: जानिए क्या हुआ जब अमरीका के जॉर्जिया में एक उल्का पिण्ड के कुछ टुकड़े एक घर पर गिरे।
बम्पी से मिलो: पढ़िए अमेरिका के पश्चिमी समुद्र में गहरे समुद्र में पाई गई तीन सुन्दर स्नेलफिश के बारे में, जिनमें से एक का नाम बम्पी रखा गया है। 

जंगल का ड्रोंगो — कुलदीप दास   
इस लेख में लेखक बता रहे हैं कि किस तरह हर रोज़ अपने घर से ड्रोंगो चिड़िया को देखना उनकी दिनचर्या का अहम हिस्सा है। एक बार उन्हें जंगल में बिलकुल घर के पास वाले ड्रोंगो जैसा ही ड्रोंगो नज़र आता है, लेकिन वह उन्हें नया-सा लगता है। ऐसा क्यों होता है? जानने के लिए पढ़िए यह लेख।