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उस्ताद मंसूर – मिनिएचर पेंटिंग के चित्रकार!
क्या तुम कल्पना कर सकते हो कि कोई चित्र इतना जीवन्त हो कि बिल्कुल असली लगे? प्रकृति के बेमिसाल चित्रकार उस्ताद मंसूर अपनी कूची से कुछ ऐसा ही जादू रचते थे। उनकी अद्भुत कला की झलक दिखाता यह छोटा-सा लेख, आपको उनके बारीक और जीवन्त चित्रों की दुनिया में ले चलता है।
लाल दुपट्टा – नेहा बहुगुणा
चित्र: प्रशान्त सोनी
गुरु अकेले रहना पसन्द करता था। एक बार स्कूल के नाटक में उससे दरबान बनना पड़ा। कॉस्ट्यूम के लिए उसे लाल दुपट्टे की ज़रूरत थी। जब वो दुपट्टा लेने सेमल के पास गया, तो कुछ ऐसा हुआ जो उसने पहले कभी महसूस नहीं किया था। एक दुपट्टे ने उसकी दुनिया में नए रंग भर दिए — कैसे? जानने के लिए पढ़ो यह प्यारी-सी कहानी।
तुम भी बनाओ — अपनी बाड़ी
लेख व फोटो: वैष्णवी लोकेश व आइशा कावलकर
मध्य प्रदेश के केसला में स्थित एक स्कूल के बच्चों ने अपनी बाड़ी बनाई। उन्होंने खुद बाड़ी की सारी प्लानिंग की, मिट्टी तैयार की, पौधे लगाए और एक प्यारा-सा गेट भी बनाया।
अब तुम्हारी बारी — तुम अपनी बाड़ी कैसी बनाओगे?
ज़हर का तोड़ – साँप का काटना, बचाव और इलाज - पीयूष सेकसरिया
अनुवाद: विनता विश्वनाथन
क्या तुम्हें पता है कि दुनिया में साँप के काटने से सबसे ज़्यादा मौतें भारत में होती हैं? एक टॉर्च, एक जोड़ी जूते और थोड़ी-सी समझदारी कई ज़िन्दगियाँ बचा सकती हैं।जानो साँपों से जुड़े कुछ ज़रूरी तथ्य, उनसे बचाव के तरीके और ज़हरीले साँप के काटने पर क्या करें और क्या बिलकुल न करें — इस ज़रूरी लेख में।
रंगोली – शुभम लखेरा
एक बच्चा रंगोली बनाना शुरू करता है — अपने अन्दाज़ में। लेकिन जैसे ही रंगों की दुनिया बसने लगती है, कुछ ऐसा होता है जो उसे चौंका देता है!
कल्पना और खेल की दुनिया को खूबसूरती से उकेरती बिना शब्दों की कहानी।
किताबें कुछ कहती हैं...
किताबों की दुनिया में झाँकने की खिड़की है यह कॉलम।
पढ़ो कटपीस कुमार और कुतुबमीनार का पेड़ किताबों की बच्चों द्वारा लिखित समीक्षा। चाहो तो तुम भी अपनी पसन्द या नापसन्द की किताब के बारे में लिखना। यह भी लिखना कि वह किताब तुम्हें क्यों पसन्द या नापसन्द है।
गतिविधि कोना — चित्रपहेली
चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।
बरसै बदरिया सावन की — मीराबाई
चित्र: नैनसुख
बरसै बदरिया सावन की
सावन की मनभावन की...
गतिविधि कोना — क्यों-क्यों?
इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं। जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था: “यदि तुम कोई ऐसा नियम बना सकते जिसे सारी दुनिया को मानना पड़ता तो क्या नियम बनाते, और क्यों?”अक्सर कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही बच्चों के बनाए कुछ चित्र भी देखने को मिलेंगे।
ननकी और चोरू की दुनिया – लॉरेंस हूग
चित्र: नन्दिनी लाल
अनुवाद: सुशील जोशी
ननकी को बचपन से ही रंगों और रेखाओं से प्यार था। वह हर जगह चित्र बनाती — कभी कोयले के टुकड़े से, तो कभी पेंसिल के टुकड़े से, कभी गली में से उठाए किसी कागज़ पर, तो कभी किसी पत्ती पर। जब उसकी शिक्षिका ने उसके इस हुनर को पहचाना और उसे पढ़ने के लिए बाहर भेजने की बात की तो सारा गाँव उसके खिलाफ खड़ा हो गया। फिर क्या हुआ, क्या ननकी अपने सपने को उड़ान दे पाई? जानने के लिए पढ़ो यह कहानी...
मेहमान जो कभी गए ही नहीं – भाग 13 – आर एस रेश्नू राज, ए पी माधवन, टी आर शंकर रमन, दिव्या मुडप्पा, अनीता वर्गीस और अंकिला जे हिरेमथ
रूपान्तरण व अनुवाद: विनता विश्वनाथन
चित्र: रवि जाम्भेकर
इस सीरीज़ में हम आसपास पाए जाने वाले कुछ ऐसे आक्रामक एलियन पौधों के बारे में चर्चा करते हैं जो बाहर से आए और हमारे देश में बस गए। इस चर्चा में हम इन पहलुओं को शामिल करते हैं कि ये पौधे कहाँ से आए, कैसे आए, इनके खास गुण क्या हैं, इन्हें कैसे व्यवस्थित किया जाए इत्यादि।
इस बार बात जानिए – जंगली पुदीना के बारे में।
गतिविधि कोना — माथापच्ची
कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।
बच्चों की रचनाओं का कोना — मेरा पन्ना
लेख व कहानी: एलियन का रहस्य – अनुराग कुमार, मम्मी सपनों में रहती हैं – सन्नी कन्नौजिया, जंगल की आग - पूनिया बारस्कर व राशिका कलमे, वहम सच में असली लगता है – अनिरुद्ध गोसाईं, पापा की दुनिया – नवीन कुमार बेक, आम के दाम – खुशबू, मेरी प्यारी सुरभि - रक्षा
चित्र: अदिति भट्ट, ज़ोया, खुशी बारस्कर, विरजित पवार, सानिया प्रवीण
तुम भी जानो
इस बार जानिए:
जब पृथ्वी 9 दिन लगातार हिली
5 साल बाद भी बच्चों पर लॉकडाउन का असर
चलती हुई पहाड़ी है – अमित कुमार
चित्र: प्रभात
हाथी मेरे साथी तू बगीचा है या बाड़ी
चूहे कहते हैं ये चलती हुइ्र पहाड़ी है...

