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दो कविताएँ – प्रभात
चित्र: प्रोइति रॉय 

प्रभात की कविताएँ रोज़मर्रा की ज़िन्दगी के छोटे-छोटे साधारण लगने वाले दृश्यों को सरल और सहज शब्दों में जीवन्त कर देती है। एक बानगी देखिए: 

स्टेशन से घर-गलियों तक

सफर सभी का हो गया…

चित्रकला के इर्दगिर्द - 1 – सी. एन. सुब्रह्मण्यम् 

बारह साल की एक स्पैनिश बच्ची ने गुफा की दीवारों पर ऐसे चित्र देखे जिन्होंने मानव इतिहास की सोच बदल दी। अँधेरी गुफाओं में हुई इस खोज ने अतीत को समझने की एक नई दिशा दी। जिन्हें पहले केवल शिकार करने वाले गुफा मानव कहा जाता था, उनके जीवन, सोच और रचनात्मकता पर नए सवाल उठने लगे। यह लेख इन्हीं रहस्यों की परतें खोलता है। 

अमूर फाल्कन – एक शानदार प्रवासी पक्षी – पीयूष सेकसरिया
अनुवाद: विनता विश्वनाथन 

हर साल साइबेरिया से उड़ान भरकर एक नन्हा शिकारी पक्षी भारत होते हुए अफ्रीका तक पहुँचता है। अमूर फाल्कन की यह हैरतअंगेज़ यात्रा हमें प्रवास के विज्ञान, हवाओं की भूमिका और सैटेलाइट तकनीक की मदद से हुए नए खुलासों से परिचित कराती है। साथ ही यह लेख बताता है कि कैसे एक प्रवासी पक्षी की कहानी ने लोगों की सोच बदली और संरक्षण के प्रयासों को नई दिशा दी।

गणित है मज़ेदार – गॉस की कहानी – आलोका कान्हेरे
चित्र: मधुश्री 

इन पन्नों में हम कोशिश करेंगे कि ऐसी चीज़ें दें जिनको हल करने में आपको मज़ा आए। ये पन्ने खास उन लोगों के लिए हैं जिन्हें गणित से डर लगता है।

यदि तुम्हें 1 से 100 तक की संख्याओं का योगफल पता करने को कहा जाए तो तुम्हें इसमें कितना समय लगेगा? शायद काफी समय लगे। लेकिन पाँचवीं कक्षा में पढ़ रहे एक बच्चे ने तुरन्त ही इसका जवाब बता दिया। कौन था ये बच्चा और उसने यह जवाब कैसे निकाला, जानने के लिए पढ़ो ये मज़ेदार लेख। 

फिल्मी बातें 

फिल्में देखना जितना मज़ेदार होता है, उनके बारे में बातें करना भी उतना ही रोचक हो सकता है। इस कॉलम में बच्चे अपनी पसन्दीदा फिल्मों के विविध पहलुओं पर अपने विचार, अनुभव और समझ साझा करते हैं, जैसे कि कहानी, पात्र, अभिनय, कोई खास सन्देश आदि। 

इस बार देखते हैं बच्चों की नज़र से फिल्म जुमांजी को।  

मेहमान जो कभी गए ही नहीं – भाग 18 – आर एस रेश्नू राज, ए पी माधवन, टी आर शंकर रमन, दिव्या मुडप्पा, अनीता वर्गीस और अंकिला जे हिरेमथ
रूपान्तरण व अनुवाद: विनता विश्वाथन
चित्र: रवि जाम्भेकर

इस सीरीज़ में हम आसपास पाए जाने वाले कुछ ऐसे आक्रामक एलियन पौधों के बारे में चर्चा करते हैं जो बाहर से आए और हमारे देश में बस गए। इस चर्चा में हम इन पहलुओं को शामिल करते हैं कि ये पौधे कहाँ से आए, कैसे आए, इनके खास गुण क्या हैं, इन्हें कैसे व्यवस्थित किया जाए इत्यादि।

इस बार बात जानिए – बिटर वाइन के बारे में।

पीछे छूटा हुआ भाई – रिनचिन
चित्र: शिवांगी सिंह
अनुवाद: कविता तिवारी 

यह कहानी स्कूटर चलाने को लेकर हुई घर की एक मामूली-सी लगने वाली बहस से शुरू होती है। पर बात यहीं तक सीमित नहीं रहती। धीरे-धीरे यह भाई-बहन के रिश्ते, भरोसे और लड़कियों की स्वतंत्रता जैसे सवालों को हल्के-से छूती हुई आगे बढ़ती है। रोज़मर्रा की बातचीत के बीच छिपी सोच और अनकहे नियमों की झलक देती यह कहानी बिना किसी शोर के पाठक को सोचने पर मजबूर करती है।

गतिविधि कोना – चित्रपहेली

चित्रों में दिए इशारों को समझकर पहेली को बूझना।

जमाली-कमाली – वसुन्धरा बहुगुणा 

दिल्ली के महरौली में स्थित जमाली-कमाली की इमारतें महज़ पत्थर और संगमरमर की बनी खूबसूरत इमारतें नहीं हैं, बल्कि इतिहास से जुड़ी एक रहस्यमयी कहानी भी है। यह लेख इन दोनों नामों के पीछे छिपे व्यक्तित्व, उनके समय और उनसे जुड़ी किंवदंतियों की पड़ताल करता है।  

गतिविधि कोना – क्यों-क्यों?

इस कॉलम में हर बार हम बच्चों से एक सवाल पूछते हैं। जिसका जवाब उन्हें सही-गलत की परवाह किए बिना अपने मन से देना होता है। इस बार का सवाल था: “तुमने जनवरी अंक में पेज 15 पर दिया गया लेख ‘मैं क्या खाऊँँ?’ पढ़ा होगा। खाने के मामले में हमारी कई मान्यताएँँ हैं — क्या खाना चाहिए, क्या नहीं। तुम या तुम्हारे परिवारवाले या दोस्त इस बारे में क्या सोचते हो, और क्यों?”

कई बच्चों ने अपने दिलचस्प जवाब हमें भेजे। इनमें से कुछ आपको यहाँ पढ़ने को मिलेंगे। साथ ही बच्चों के बनाए कुछ चित्र भी देखने को मिलेंगे।अ

गतिविधि कोना – भूलभुलैया

दिए गए कई रास्तों में से सही रास्ते को चुनने की जद्दोजहद। 

बेलिया पलाश – किशोर पँवार
कोलाज: कनक शशि अनिल 

मार्च-अप्रैल में जब जंगलों में अधिकांश पेड़ सूख जाते हैं, तब इनके बीच कहीं नारंगी-लाल फूलों से लदा पलाश का पेड़ नज़र आता है। पर क्या तुम जानते हो कि इसी रंग-रूप वाली एक बेल भी जंगलों में पनपती है। यह लेख पलाश व उसकी हमशक्ल बेलिया पलाश की दुनिया से परिचित कराता है— उसकी बनावट, जंगल में उसकी भूमिका और उनसे जुड़ी रोचक बातों के साथ। 

गतिविधि कोना – अन्तर ढूँढो
चित्र: नरेश पासवान 

हूबहू एक जैसे दिखने वाले दो चित्रों में छिपे हुए अन्तरों को ढूँढने की मज़ेदार गतिविधि। 

गतिविधि कोना – माथापच्ची

कुछ मज़ेदार सवाल और पहेलियों से भरे दिमागी कसरत के पन्ने।

बच्चों की रचनाओं का कोना – मेरा पन्ना
लेख व कहानी: गर्ल्स और ब्वाइज़ – इरा, पिकअप में खेल – हर्षित, हमारा लंच टाइम – रिद्धि कपूर, हाथी चलते हैं – भूमि धौलपरिया, सबक - प्रज्जवल भसारकर, तेरा दो नम्बर का छूट गया - भव्या चतुर्वेदी, सॉरी - मनस करन
चित्र: शाम्भवी, रोशनी राजवाड़े, मोहित राज, अर्पिता चौधरी, नित्या कुमारी

तुम भी जानो

इस बार जानिए:
देश का पहला पुस्तक मेला
एक गाय ने किया है औज़ार का इस्तेमाल