बात करीब सवा सौ साल पहले की है। दक्षिण-पूर्वी नीदरलैंड्स के शहर हीरलेन में खुदाई के दौरान एक चूना पत्थर मिला था, जो फ्रांस से आयातित था। इस पर उभरी लकीरों के पैटर्न देखकर तो ऐसा लगता था जैसे यह कोई बोर्ड गेम हो। रोमन म्यूज़ियम की क्यूरेटर कैरन जेनेसन के शब्दों में “पत्थर को नफासत से तराशा गया था। इसे मेज़ पर रखकर खेला जाता होगा।” लेकिन लकीरों के पैटर्न किसी भी जाने-पहचाने रोमन खेल जैसे नहीं थे।
तो यह गुत्थी अनसुलझी ही रही कि यह क्या खेल है, इसे कैसे खेलते होंगे, इसके नियम क्या होंगे, वगैरह-वगैरह। इस खेल-पत्थर के आसपास कांच, हड्डी और सिरेमिक की गोटियां भी मिली थीं, जिन्हें हेट रोमाइन्स म्यूज़ियम में सहेजा गया।फिर, साल 2020 में लीडेन युनिवर्सिटी के प्राचीन बोर्ड गेम्स विशेषज्ञ वाल्टर क्रिस्ट तकरीबन आठ इंच चौड़े इस बोर्ड गेम के सामने ठिठक गए। कारण इसकी सीधी-तिरछी लकीरों से बनी अष्टभुज आकृति का अब तक ज्ञात किसी भी खेल से मेल न बैठना था। उन्होंने तफसील से अध्ययन करने का सोचा।
क्रिस्ट ने खेल-पत्थर पर गोटियां खिसकाने से बने घिसावों को ध्यानपूर्वक देखा ताकि चालों का अंदाज़ा लगाया जा सके। फिर उन्होंने अन्य विशेषज्ञों की मदद से खेल-पत्थर का विस्तृत और सूक्ष्म 3डी स्कैन करवाया। 3डी स्कैन में खेल-पत्थर पर बने निशान और गोटियों की चाल थोड़ा उभर कर आ रही थीं: कुछ लकीरें अन्य लकीरों की तुलना में थोड़ी ज़्यादा गहरी थीं। इससे साफ पता चलता था कि कुछ खास चालों को ज़्यादा चला गया था। चालों को देखकर यह किसी ब्लॉकिंग खेल की तरह लगता था, जिसमें एक खिलाड़ी अपने प्रतिद्वंद्वी की गोटियां आगे बढ़ने से रोकने और उन्हें घेरने की कोशिश करता है, जैसे टिक-टैक-टो या ओथेलो में होता है। साथ ही खेल-पत्थर के नफासत से तराशे गए किनारे बताते थे कि इसे सोच-समझकर बनाया गया था।
खेल के नियमों को डिकोड करने में शोधकर्ताओं का अगला कदम था कृत्रिम बुद्धि (एआई) की मदद लेना। नियमों को समझने के लिए, क्रिस्ट ने मास्ट्रिख्ट युनिवर्सिटी के वैज्ञानिक डेनिस सोमर्स के साथ मिलकर दो एआई एजेंट्स को सौ से अधिक प्रचलित रोमन-युरोपियन खेलों के नियमों से प्रशिक्षित किया। फिर एआई एजेंट्स ने हर नियम सेट के अनुसार 1000 राउंड खेले।
शोधकर्ताओं ने विभिन्न नियमों के अनुसार खेले गए खेलों में मोहरों की चालों को देखा। फिर उन्होंने चालों की तुलना खेल-पत्थर पर मिले घिसावों से की ताकि यह पता चल सके कि किन नियमों के मुताबिक गोटियां चली गई थीं। शोधकर्ताओं को नौ नियम मिले जो खेल-पत्थर के घिसावों के साथ मेल खा रहे थे; ये सभी नौ नियम ब्लॉकिंग (घेराबंदी) खेलों के थोड़े परिवर्तित रूप थे।
पैटर्न को देखकर ऐसा लगता था कि इस खेल में ज़्यादा गोटियों वाला खिलाड़ी कम गोटियों वाले खिलाड़ी को बढ़ने से रोकने या घेरने की कोशिश करता है।इस आधार पर शोधकर्ताओं ने इस खेल को पुनर्निर्मित किया और इसे खेलने के कुछ नियम बताए। खेल को उन्होंने लुड्स कोरिओवल्ली नाम दिया है जिसका मतलब है कोरिओवलम का खेल। कोरिओवलम हीरलेन शहर का प्राचीन रोमन नाम है, जहां से यह खेल-पत्थर मिला था।
शोधकर्ता खेल के नियम तो बताते हैं लेकिन थोड़ा सतर्क भी करते हैं कि यह चालों और ज्ञात अन्य खेलों के नियमों के आधार पर एक निष्कर्ष है; हो सकता है रोमन लोग वास्तव में इसे थोड़े अलग ढंग से खेलते हों।
उम्मीद है कि इस अध्ययन के बाद अन्य प्राचीन खेलों के नियम वगैरह सुलझाने में मदद मिलेगी। बहरहाल, अध्ययन यह बात साफ उभारता है कि काम के अलावा, मनोरंजन भी प्राचीन लोगों के जीवन का अहम हिस्सा था। वे न सिर्फ खोज, नए आविष्कार या दिन-रात काम करते थे बल्कि अपने मनोरंजन का ख्याल भी रखते थे और मनोरंजन के नए-नए तरीके, नए खेल भी गढ़ते थे। (स्रोत फीचर्स)
लुड्स कोरिओवल्ली की बिसात
बोर्ड: कागज़ या तख्ती पर चित्र 1 के अनुसार बिसात बनाएं।
खिलाड़ी: इस खेल को दो खिलाड़ी (चोर और पुलिस) खेल सकते हैं। चोर खिलाड़ी के पास दो गोटियां होंगी और पुलिस खिलाड़ी के पास चार गोटियां होंगी। लक्ष्य: पुलिस खिलाड़ी को कम से कम चालों में चोर को चारों ओर से घेरना है, ऐसे कि चोर खिलाड़ी की गोटियों को आगे चलने के लिए कोई चाल न बचे।
कैसे खेलें लुड्स कोरिओवल्ली
नियम
- खेल दो पारियों में खेला जाता है। खेल शुरू करने के पहले खिलाड़ी यह तय कर लें कि पहली पारी में कौन सा खिलाड़ी चोर बनेगा और कौन सा खिलाड़ी पुलिस।
- चित्र के अनुसार गोटियां जमा लें। चित्र में काली गोटियां पुलिस की हैं और सफेद गोटियां चोर की।
- बिसात में दो या दो से अधि क रेखाओं के जोड़ बिंदु ‘घर’ हैं।
- एक खिलाड़ी एक चाल में नज़दीकी एक घर आगे बढ़ सकता है।
- कोई भी खिलाड़ी अपनी या विरोधी खिलाड़ी की गोटी को लांघकर आगे नहीं बढ़ सकता।
- एक घर पर एक ही गोटी रह सकती है, एक से ज़्यादा नहीं।
- खिलाड़ी बारी-बारी से अपनी चाल चलेंगे। एक खिलाड़ी एक चाल में अपनी गोटी एक घर ही खिसका सकता है। और अपने द्वारा चली गई चालों का हिसाब रखता जाता है।
- यदि चोर की गोटी को अगली चाल चलने के लिए कोई रास्ता न बचे, वह अपनी गोटी कहीं भी आगे न बढ़ा पाए तो इस सूरत में गोटी घिरी हुई कहलाएगी।
पारी खत्म कब होगी
पारी तब खत्म होगी जब चोर की दोनों गोटियां पुलिस से पूरी तरह घेर ली जाएंगी। एक पारी के अंत में पुलिस ने कितनी चालों में चोर को पूरी तरह घेर लिया इसे गिना जाएगा।
अगली पारी, भूमिका बदली
अगली पारी खिलाड़ियों की भूमिकाएं आपस में बदलकर खेली जाएगी। यानी अगली पारी में पुलिस खिलाड़ी चोर बनेगा और चोर खिलाड़ी पुलिस बनेगा। और, फिर खेल दोहराया जाएगा। खेल के अंत में दोनों पुलिस खिलाड़ियों की चालों को गिना जाएगा। जिस खिलाड़ी ने सबसे कम चालों में चोर को घेरा होगा वह विजेता कहलाएगा। यदि खेल ड्रॉ होता है, तो खेल शुरू से दोबारा खेला जाएगा।
तो चलिए, यह प्राचीन लेकिन नया खेल खेलकर देखिए। वैसे खेल के नियम आप अपने हिसाब से मुश्किल और मज़ेदार बना सकते हैं, थोड़े बदल सकते हैं। क्योंकि मतलब खेलने के मज़े से है। किसी भी तरह खेलें और मज़ा लें! चाहें तो आप बिसात थोड़ा बदल भी सकते हैं। चित्र 2 के अनुसार बिसात बिछाकर भी खेल सकते हैं।
