पुस्तक अंश                                                                                                                                                                    चौथी कड़ी

आंत एक लंबी नली होती है जो मुंह से शुरू होकर मलद्वार या गुदा में खत्म होती है।
स्वतंत्र मांसपेशियों की लहरदार चाल, आंत के अंदर भोजन की गति को नियंत्रित करती है।
ग्रंथियों में बने एंज़ाइम्स से आंत में भोजन पचता है। फिर धीरे-धीरे भोजन गुदा की ओर बढ़ता है।
आंत एक अर्ध-पारगम्य झिल्ली है। उसमें से भोजन के छोटे अणु, पार निकल जाते हैं। यानी आंत को घेरने वाली रक्त-नलिकाओं द्वारा सोख लिए जाते हैं।
खून में आने के बाद भोजन के छोटे अणु शरीर के अलग-अलग हिस्सों में जा सकते हैं। छोटे अणु आपस में मिलकर, दुबारा बड़े अणु भी बना सकते हैं।

आंत - एक मॉडल
आवश्यक सामान
-- पारदर्शी प्लास्टिक की बोतल
-- पतली नली
-- कार्डशीट या गत्ता
-- प्लास्टिक का बीकर
चित्र में दिखाए अनुसार आप एक जानवर का मॉडल बनाएं। आप अपनी मर्ज़ी के अनुसार किसी भी चौपाए जानवर का मॉडल बना सकते हैं। यह सुनिश्चित करें कि पतली नली बोतल के पेंदे के बाहर निकली हो। मॉडल को बेहतर बनाने के लिए उसकी नली में कई छेद करें जिससे अवशोषण या सोखने की क्रिया को अच्छी तरह से समझा जा सके।
जानवर के मॉडल की नली में से पानी को गुज़रने में कितना समय लगता है? इस बारे में छात्रों से चर्चा करें।

आंत की लंबाई
आवश्यक सामान
--- लंबी रस्सी का टुकड़ा या कागज़ की पट्टी
अलग-अलग जानवरों की आकृतियों को जमीन पर बनाएं। सुतली, रस्सी या कागज़ की पट्टियों से जानवर की आंतों की लंबाई दर्शाएं और उसे जानवर की आंतों के सही स्थान पर गोल-गोल करके लपेट दें। अलग-अलग जीवों की आंतों की लंबाई का नाप लगभग इस प्रकार होगाः खरगोश 1 मीटर, कुत्ता या बिल्ली 2 से 5 मीटर, घोड़ा 30 मीटर, गाय 50 मीटर और मनुष्य 5 मीटर।
छात्रों से पूछे कि विभिन्न जानवरों की आंतों की लंबाई में अंतर क्यों होता है? शाकाहारी प्राणियों की आंत, मांसाहारियों की अपेक्षा, लंबी क्यों होती है?
 
पाचन तंत्र का मॉडल

आप चाहें तो चित्र में दिखाई गई साधारण चीज़ो से पाचन तंत्र का एक मॉडल बना सकते हैं।
इस गतिविधि को और आगे बढ़ाने के लिए आप इसके प्रत्येक हिस्से को अलग-अलग रंग सकते हैं और उन पर नाम के लेबल लगा सकते हैं। फिर इस मॉडल को प्रदर्शनी के लिए किसी बोर्ड पर सजा सकते हैं।

छात्रों से कहें कि वे इस मॉडल को एक डिब्बे के अंदर रखें जिससे यह पता चले कि आंतें, उदर को वक्षस्थल से अलग करने वाली मांसपेशी (यानी डायाफ्राम) में से होकर किस प्रकार गुजरती हैं।

आंत में भोजन के सरकने का मॉडल
आवश्यक सामान
-- एक गुब्बारा
-- रबर की नली
-- गेंद या फल

आंत की दीवार में स्थित मांसपेशियों के सिकुड़ने से ही भोजन आंत में आगे की ओर सरकता है। हाथ से दबाने पर गुब्बारे के अंदर की हवा आगे की ओर बढ़ती है। आप ट्यूब में रखी भोजन की गेंद को पीछे से दबाएंगे तो वह आगे की ओर सरकेगी।
छात्रों से इस मॉडल को बनाने के अन्य तरीकों के बारे में पूछे --- उदाहरण के लिए, साइकिल की पुरानी ट्यूब का इस्तेमाल करके।

अवशोषण का मॉडल
आवश्यक सामान
- एक पुरानी कमीज़ की आस्तीन
- छोटी चीजें जैसे बीज
कमीज़ की आस्तीन में से गिरते पानी के लिए नीचे एक बड़ा बर्तन रखें। अब पानी और मटर के दानों के मिश्रण को आस्तीन की नली में से उड़ेलें। पानी तो आस्तीन के कपड़े में से चुकर बाहर निकल आएगा, परन्तु मटर के दाने (बिना पचा भोजन) आस्तीन में से सीधे बाहर निकल जाएंगे। आपको आस्तीन के निचले सिरे को बांधना पड़ेगा जिससे कि यह प्रक्रिया कुछ धीमी हो जाए।
 
छात्रों से इस मॉडल को और अच्छा बनाने के लिए कहें। इसके लिए चाहें तो कमीज़ की आस्तीन की जगह पर अखबार के कागज़ की कई तहें इस्तेमाल कर सकते हैं। (कई विकल्प और सुझाव शायद काम नहीं करें इसलिए यह जरूरी है कि उन्हें पहले करके देखा जाए)।
इस गतिविधि के विस्तार के लिए एक अर्ध पारगम्य प्लास्टिक की थैली को आंत की जगह प्रयोग किया जा सकता है। फिर नली में मंड (स्टार्च) और शक्कर के मिश्रण को डालकर देखा जा सकता है। कि कौन-सा पदार्थ बाहर निकलता है।

मंड का पाचन
चबाना
आवश्यक सामान
--- अलग-अलग प्रकार के खाद्य पदार्थ
छात्रों से कहें कि वे विभिन्न खाद्य पदार्थों को निगलने से पहले खूब देर तक चबाएं। वे पाएंगे कि मंडयुक्त खाना धीरे-धीरे मीठा होता जाएगा। यह इसलिए होगा क्योंकि लार मंड को शक्कर में बदल देती है।
छात्रों से पूछे कि मंडयुक्त खाना काफी देर चबाने के बाद क्यों मीठा लगता है?

एंजाइम की क्रिया
आवश्यक सामान
-- सोख्ता कागज़
-- माचिस की तीली
-- मंड़ का घोल
-- आयोडीन का घोल
सोख्ता कागज़ को मंड के घोल से भिगो दें। अब छात्रों से कहें कि वे माचिस की तीली की नोक को अपनी लार में डुबोकर उससे सोख्ता कागज़ पर अपना नाम लिखें। फिर उस कागज़ को हल्के आयोडीन के घोल में डुबोएं।
छात्रों से कागज़ पर उनके नाम के उभरने का कारण पूछे।
सावधानी: यह सुनिश्चित करें कि छात्र अलग-अलग माचिस की तीलियां इस्तेमाल करें। एक ही तीली के प्रयोग से एक-दूसरे में संक्रामक रोग फैल सकते हैं।

एंजाइमों की अनेक प्रक्रियाएं
आवश्यक सामान
-- कैमरे की पुरानी फिल्म पट्टियां
-- अनानास या पपीते का रस
-- सरेस (जिलेटिन)
पुरानी फिल्म की पट्टियां को ताजे अनानास के रस या पिसे हुए पपीते में डालें। आप पाएंगे कि घोल से फिल्म के ऊपर की जिलेटिन की परत हट जाएगी। काले चांदी के लवण अलग हो जाएंगे और केवल पारदर्शी प्लास्टिक बच जाएगा।
छात्रों से निम्न सवाल पूछे :
अगर सरेस (जिलेटिन) के एक टुकड़े को इन फलों के रस में रखा जाए तो क्या होगा?
अगर आप अनानास या पपीते के रस को उबले अंडे के सफेद भाग या गोश्त पर डालेंगे तो कुछ समय बाद क्या होगा?
पपीता गोश्त को नरम बना देता है? वह असल में गोश्त को क्या करता है?