Sandarbh - Issue 164 (May-June 2026)
This is How the Human Skeleton was Drawn by Umesh Chauhan
ऐसे बना मानव कंकाल का चित्र - उमेश चौहान [Hindi,PDF]
जीव विज्ञान की पाठ्यपुस्तकों में चित्र कौन बनाते होंगे? ज़रूर कोई पेशेवर चित्रकार। मगर होशंगाबाद विज्ञान शिक्षण कार्यक्रम के तहत इस आम फहम को भी चुनौती मिली जब सरकारी मिडिल स्कूल के एक शिक्षक – उमेश चौहान – ने होविशिका पाठ्यपुस्तकों में मानव कंकाल का चित्र बनाने के लिए हामी भरी। एक शिक्षक होने के साथ-साथ एक चित्रकार होने के अपने सफर को उमेश इस लेख में बयान करते हैं।- Escherichia coli by Sushil Joshi
एशेरीशिया कोलाई - सुशील जोशी [Hindi,PDF]
एशेरीशिया कोलाई, उर्फ ई. कोलाई – नवजात बच्चों की आँतों में से खोजा गया यह बैक्टीरिया आणविक जीव विज्ञान का आगाज़ करने वाला, लाखों शोध पत्रों का विषय रहने वाला, व अपने पर हुए 11 शोधों को नोबेल पुरस्कार दिलवाने वाला सूक्ष्मजीव है। आखिर कैसे? यह जल्दी-जल्दी बढ़ता है और इसके जीन्स में फेरबदल करना सापेक्ष रूप से काफी आसान है। तो यह जानना दिलचस्प होगा कि इस मॉडल जीव पर आखिर किस-किस तरह के शोध हुए जिनके ज़रिए जेनेटिक्स का हमारा ज्ञान इस कदर व्यापक हो पाया। पढ़िए यही सब, सुशील जोशी के इस लेख में। - The Gift of the Nile by Aamod Karkhanis. Translation from Marathi to Hindi by Madhav Kelkar
नील का तोहफा - आमोद कारखानीस [Hindi,PDF]
इजिप्ट की प्राचीन सभ्यता के समय बड़े-बड़े पिरामिडों के निर्माण साथ ही, विस्तृत खेती भी हुआ करती थी। ज़ाहिर है, इन तरह के गहन कामों के लिए गणित के गहन ज्ञान की भी ज़रूरत होती होगी। उस समय यह ज्ञान किस तरह विकसित किया जाता था और आँका जाता था, जानने के लिए पढ़िए आमोद कारखानीस का यह लेख। - The Slow Adoption of New Ideas – Experiences from Teacher Training by Kamlesh Joshi
नए विचारों की धीमी गति - कमलेश चन्द्र जोशी [Hindi,PDF]
यदि बच्चे कुछ कॉपी करके लिख लेते हैं, तो क्या इसका मतलब हुआ कि उन्हें लिखना आता है? आम के पेड़ से जुड़े तीन-चार साधारण सवाल-जवाब कर लेना क्या सन्दर्भ आधारित शिक्षण कहलाएगा? शिक्षक भी, इन्सान होने के नाते, कई सारी मान्यताओं के साथ काम करते हैं। मगर क्या वे सभी मान्यताएँ सही होती हैं? शिक्षक प्रशिक्षण सत्रों में ऐसी कई मान्यताओं को परखने के मौके बना करते हैं। आम तौर पर नए विचार पुरानी मान्यातों को चुनौती देते हुए धीरे-धीरे अपनी जड़ें बनाया करते हैं। और कमलेश चन्द्र जोशी अपने लेख में इसका बयान करते हैं। - The Student Government Formed at School by Anil Singh
स्कूल में बनी सरकार: लोकतंत्र का पहला पाठ - अनिल सिंह [Hindi,PDF]
अपने आसपास लोगों को चुनाव और सरकार की बात करता देख, आनंद निकेतन के बच्चों ने स्कूल में भी सरकार बनाने और चुनाव कराने की ठानी। एक स्कूल में बनती सरकार के ज़रिए क्या-कुछ नहीं झलका – बच्चों का अपने हितों और हक के बारे में सोचना और कदम उठाना, समाज के ढाँचों को समझना और उन्हें अपने सन्दर्भ में ढालना, मिलकर निर्णय लेना और ज़िम्मेदारी निभाना। लोकतंत्र के इस स्कूली रूप ने आखिर कैसे रूप लिया? जानने के लिए पढ़िए आनंद निकेतन की संस्मरण शृंखला की यह कड़ी, अनिल सिंह की कलम से। - Three Decades of the Vishakha Guidelines by Madhav Kelkar
विशाखा गाइडलाइन्स के तीन दशक - माधव केलकर [Hindi,PDF]
हम सभी को काम करके अपना जीवन चलाने का अधिकार है। मगर कार्यस्थल का वातावरण अच्छा और सुरक्षित हो – अफसोस, ऐसा हमेशा नहीं होता। कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के मामले दुनियाभर में बड़ी तादाद में सामने आते हैं। ऐसे में, सभी के लिए, खास तौर पर महिलाओं के लिए, कार्यस्थल को सुरक्षित बनाने की खातिर और यौन उत्पीड़न की शिकायतों पर कदम उठाने के लिए भारत में करीब तीन दशक पहले विशाखा गाइडलाइन्स जारी की गई थीं। वहीं से विकसित पॉश कमेटी अब संगठित-असंगठित कार्यक्षेत्रों के लिए लाज़मी है। मगर इन तीन दशकों में इन गाइडलाइन्स और कमेटियों का क्या असर रहा, क्या चुनौतियाँ उभरीं – यह सब माधव केलकर इस लेख में अपने अनुभवों के ज़रिए साझा करते हैं। - Chhipa Hua Tara by Jayant Vishnu Narlikar
छिपा हुआ तारा - जयंत विष्णु नारलीकर [Hindi,PDF]
राजेश के लिए वह कोई आम रात नहीं थी। आखिर एक रात गहरे अँधेरे आकाश से एक पूरा-का-पूरा तारा कैसे गायब हो सकता है भला!? खगोलविज्ञान के अपने कार्यकाल में राजेश ने ऐसा कभी कुछ न देखा था। क्या आप अटकलें लगा सकते हैं कि यह हैरत-अंगेज़ घटना कैसे हुई होगी? जयंत विष्णु नारलीकर अपनी इस विज्ञान कथा में ब्रह्माण्ड के राज़ छिपाए हैं। इसे पढ़कर उन पर से परदा हटाइए ज़रा! - Ishwar Ki Kahaniyan: Third Story by Vishnu Nagar
ईश्वर की कहानियाँ: तीसरी कहानी - विष्णु नागर [Hindi,PDF]
हे ईश्वर, स्वर्ग में मच्छर! मच्छर पीते खून-ए-ईश्वर। ईश्वर दुहाई दे भी तो भला किस ईश्वर की! बहरहाल, इस स्वर्गीय कहानी में क्या होता है, वह विष्णु नागर के लिखे में ही पढ़ें तो बेहतर है। - Wasp: It builds a Nest for its Eggs and Young Ones by Kalu Ram Sharma
ततैया: अण्डों-बच्चों के लिए बिल बनाती है - कालू राम शर्मा [Hindi,PDF]
यूँ तो शाकाहारी जीवन बिताने वाले ये जीव अपने बच्चों के लिए मांसाहार का बन्दोबस्त क्यों और कैसे करते हैं? यह जानना सचमुच रोचक होगा। पढ़िए, हिंसा और मेहनत से भरे ततैयों के जीवन के इस अहम पहलू के बारे में, कालू राम शर्मा के इस लेख में। - Why do Ants and Termites Develop Wings During the Rainy Season? from Sawaliram
सवालीराम: वर्षा आने पर चींटियों और दीमकों के पंख क्यों निकल आते हैं? [Hindi,PDF]
वर्षा आ चुकी है। पंखों वाली चींटियाँ और दीमक भी बस आते ही होंगे। आपकी उनसे मुलाकात हो और मन में उनके पंखों के होने को लेकर सवाल आए, तो सवालीराम के ये जवाब पढ़ लीजिएगा। नोट: मुलाकात ना होने पर, मन की जिज्ञासा शान्त करने के लिए भी ये जवाब पढ़े जा सकते हैं।
